पैप स्मीयर: 5 मिनट जो जान बचा सकते हैं
शुरुआत में बदलाव पकड़ में आ जाएँ तो सर्वाइकल कैंसर से काफ़ी हद तक बचा जा सकता है।
सर्वाइकल कैंसर भारतीय महिलाओं में सबसे आम कैंसर में से एक है — और सबसे ज़्यादा रोके जा सकने वाले कैंसर में से भी। पैप स्मीयर (सर्वाइकल साइटोलॉजी) गर्भाशय-ग्रीवा पर असामान्य कोशिकाओं को कैंसर बनने से सालों पहले पकड़ सकता है, जब इलाज आसान और बहुत असरदार होता है।
पैप स्मीयर में क्या होता है?
डॉक्टर या प्रशिक्षित नर्स छोटे ब्रश या स्पैचुला से गर्भाशय-ग्रीवा से कुछ कोशिकाएँ धीरे से लेते हैं। इसमें कुछ मिनट लगते हैं और आम तौर पर दर्द नहीं होता, हालाँकि कुछ महिलाओं को हल्की असुविधा हो सकती है। फिर पैथोलॉजिस्ट माइक्रोस्कोप से कोशिकाओं की जाँच करते हैं।
किसे और कितनी बार कराना चाहिए?
नियमित जाँच की सलाह आम तौर पर 20 की उम्र से लगभग 65 साल तक की महिलाओं को दी जाती है। कितनी बार कराना है, यह उम्र, पिछली रिपोर्ट और HPV जाँच पर निर्भर करता है — अक्सर हर 3 साल में। आपकी स्त्री-रोग विशेषज्ञ आपके लिए सही अंतराल बताएँगी।
तैयारी कैसे करें
- ऐसे दिन चुनें जब पीरियड्स न हों।
- 48 घंटे पहले से संभोग, डूश और योनि क्रीम या दवाओं से बचें।
- अगर गर्भवती हैं या पहले असामान्य रिपोर्ट आई थी, तो डॉक्टर को बताएँ।
रिपोर्ट को समझना
ज़्यादातर परिणाम सामान्य आते हैं। असामान्य परिणाम का मतलब आम तौर पर कैंसर नहीं होता — अक्सर इसमें हल्के बदलाव या संक्रमण दिखता है, जिसके लिए दोबारा जाँच या कॉल्पोस्कोपी जैसी आगे की जाँच की ज़रूरत होती है।
बस्ती में विशेषज्ञ रिपोर्टिंग
PMC Path Lab में पैप स्मीयर डॉ. अनुश्री राय, MD पैथोलॉजी (गोल्ड मेडलिस्ट) की देखरेख में रिपोर्ट होते हैं, जो इंटरनेशनल गायनेकोलॉजिक कैंसर सोसाइटी और इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ़ गायनेकोलॉजिकल पैथोलॉजिस्ट्स की सदस्य हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पैप स्मीयर में दर्द होता है?
आम तौर पर दर्द नहीं होता और कुछ मिनट लगते हैं। कुछ महिलाओं को थोड़ी देर हल्की असुविधा हो सकती है।
पैप स्मीयर कितनी बार कराना चाहिए?
आम तौर पर 20 से 65 साल की महिलाओं में हर 3 साल में, लेकिन डॉक्टर आपकी उम्र और पिछली रिपोर्ट के आधार पर सलाह देंगे।
क्या असामान्य पैप स्मीयर का मतलब कैंसर है?
आम तौर पर नहीं। ज़्यादातर असामान्य परिणामों में हल्के बदलाव या संक्रमण होता है, जिसके लिए दोबारा या आगे की जाँच की ज़रूरत होती है।
केवल सामान्य जानकारी, डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं। आपात स्थिति में नज़दीकी अस्पताल जाएँ।