टेस्ट से पहले

ब्लड टेस्ट की तैयारी कैसे करें

खाली पेट, पानी, दवाएँ — छोटी बातें जो रिपोर्ट को सही बनाती हैं।

PMC Path Lab, बस्ती · अपडेट: 5 अक्टूबर 2026

अच्छी तैयारी सही रिपोर्ट पाने और दोबारा जाँच से बचने का सबसे आसान तरीका है। ज़्यादातर ब्लड टेस्ट के लिए कोई खास तैयारी नहीं चाहिए, लेकिन कुछ टेस्ट इस पर निर्भर करते हैं कि आपने पिछले दिन क्या खाया या किया।

किन टेस्ट में खाली पेट रहना होता है?

फ़ास्टिंग ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफ़ाइल (कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स) जैसे टेस्ट में आम तौर पर 8–12 घंटे बिना खाए रहना होता है। सबसे आसान तरीका है कि रात का खाना जल्दी खाएँ और अगली सुबह सैंपल दें। CBC, थायरॉइड, HbA1c, विटामिन D और B12 जैसे दूसरे आम टेस्ट में आम तौर पर खाली पेट की ज़रूरत नहीं होती। पक्का न हो तो बुकिंग के समय हमसे पूछें।

क्या पानी पी सकते हैं?

हाँ। खाली पेट के दौरान सादा पानी पीना ठीक है और इससे मदद भी मिलती है — शरीर में पानी पूरा हो तो सैंपल लेना आसान होता है। सैंपल देने तक चाय, कॉफ़ी, दूध, जूस और च्युइंग गम से बचें।

क्या दवाएँ लेनी चाहिए?

आम तौर पर हाँ। अपनी नियमित दवाएँ लेते रहें, जब तक डॉक्टर ने कुछ और न कहा हो, और हमें बताएँ कि आप क्या लेते हैं, क्योंकि कुछ दवाएँ कुछ परिणामों पर असर डालती हैं। खाने के बाद (PP) शुगर टेस्ट के लिए, डायबिटीज़ की दवा और खाना हमेशा की तरह लें, फिर खाना शुरू करने के 2 घंटे बाद सैंपल दें।

टेस्ट से एक दिन पहले

  • शराब और बहुत भारी या तला-भुना खाना न लें।
  • बहुत ज़्यादा कसरत न करें, इससे कुछ परिणाम कुछ समय के लिए बदल सकते हैं।
  • रात में सामान्य नींद लें।

साथ क्या लाएँ

  • डॉक्टर का पर्चा, अगर है।
  • पुरानी रिपोर्ट, ताकि परिणामों की तुलना हो सके।
  • ढीली आस्तीन वाले कपड़े पहनें, ताकि सैंपल जल्दी और आराम से लिया जा सके।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ब्लड टेस्ट से पहले कितने घंटे खाली पेट रहना चाहिए?

फ़ास्टिंग ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफ़ाइल के लिए आम तौर पर 8–12 घंटे। ज़्यादातर दूसरे आम टेस्ट में खाली पेट की ज़रूरत नहीं होती।

क्या फ़ास्टिंग ब्लड टेस्ट से पहले पानी पी सकते हैं?

हाँ, सादा पानी पी सकते हैं और इससे मदद मिलती है। सैंपल देने तक चाय, कॉफ़ी, दूध और जूस न लें।

क्या ब्लड टेस्ट से पहले दवाएँ बंद करनी चाहिए?

आम तौर पर नहीं। डॉक्टर कुछ और न कहें तो नियमित दवाएँ लेते रहें, और लैब को बताएँ कि क्या लेते हैं।

केवल सामान्य जानकारी, डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं। आपात स्थिति में नज़दीकी अस्पताल जाएँ।