थायरॉइड टेस्ट: छोटी ग्रंथि, बड़ा असर
थकान, वज़न बदलना, बाल झड़ना? एक आसान ब्लड टेस्ट से थायरॉइड की जाँच।
थायरॉइड गले में एक छोटी ग्रंथि है जो तय करती है कि शरीर कितनी तेज़ी से ऊर्जा इस्तेमाल करे। थायरॉइड की समस्याएँ आम हैं, ख़ासकर महिलाओं में, और सालों तक पता नहीं चलतीं क्योंकि लक्षण धीरे-धीरे आते हैं।
किन संकेतों पर जाँच करानी चाहिए
- थकान, कमज़ोरी या उदासी
- बिना वजह वज़न बढ़ना या घटना
- बाल झड़ना, रूखी त्वचा या नाखून टूटना
- बहुत ज़्यादा ठंड या बहुत ज़्यादा गर्मी लगना
- अनियमित या ज़्यादा पीरियड्स, या गर्भधारण में दिक्कत
- दिल की धड़कन तेज़ होना, हाथ काँपना या घबराहट
- गले के आगे सूजन
कौन-से टेस्ट होते हैं?
- TSH — दिमाग़ से थायरॉइड को काम करने का संकेत। आम तौर पर यही पहला और सबसे संवेदनशील टेस्ट है।
- T3 और T4 (या फ़्री T4) — ख़ुद थायरॉइड हार्मोन।
- Anti-TPO एंटीबॉडी — कभी-कभी ऑटोइम्यून थायरॉइड बीमारी देखने के लिए जोड़ी जाती है।
TSH ज़्यादा होना आम तौर पर थायरॉइड के कम काम करने (हाइपोथायरॉइडिज़्म) का संकेत है; TSH कम होना थायरॉइड के ज़्यादा काम करने (हाइपरथायरॉइडिज़्म) का संकेत हो सकता है। डॉक्टर आपके लक्षणों के साथ परिणाम देखते हैं।
थायरॉइड और गर्भावस्था
गर्भावस्था से पहले और उसके दौरान थायरॉइड का स्तर ख़ास तौर पर ज़रूरी है, क्योंकि यह बच्चे के विकास पर असर डालता है। कई डॉक्टर गर्भावस्था की शुरुआत में या उसकी योजना बनाते समय TSH जाँचते हैं।
क्या खाली पेट रहना ज़रूरी है?
आम तौर पर नहीं। अगर थायरॉइड की दवा लेते हैं, तो डॉक्टर से पूछें कि सैंपल सुबह की खुराक से पहले दें या नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या थायरॉइड टेस्ट के लिए खाली पेट रहना ज़रूरी है?
आम तौर पर नहीं। थायरॉइड दवा लेते हैं तो डॉक्टर से पूछें कि सुबह की खुराक से पहले जाँच कराएँ या नहीं।
TSH ज़्यादा होने का क्या मतलब है?
TSH ज़्यादा होना आम तौर पर बताता है कि थायरॉइड कम काम कर रहा है। डॉक्टर T4 और आपके लक्षणों से इसकी पुष्टि करेंगे।
कौन-सा थायरॉइड टेस्ट कराना चाहिए?
आम तौर पर पहले TSH। थायरॉइड प्रोफ़ाइल में T3 और T4 भी होते हैं, और डॉक्टर Anti-TPO एंटीबॉडी भी जोड़ सकते हैं।
केवल सामान्य जानकारी, डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं। आपात स्थिति में नज़दीकी अस्पताल जाएँ।